Sunday, May 18, 2008

विश्व का एक असुरक्षित कोना

वैसे जब इन लोगो का आईपील में काम करने का अवसर मिला साथ ही साथ केवल कुछ दिनों तक भारत में रहकर अत्यधिक कमी करने का मौका मिला तो उसे बिना कोई सोच विचार किए ही उसे स्वीकार कर लिया परन्तु आज जब जयपुर के आतंकवादी हमले के पश्चात उन्हें ज्ञात हुआ है की वे दुनिया के सुरक्षित हिस्से में नही हैं । यह पर मैं जिक्र करना चाहता हूँ राजस्थान रोयाल्स टीम के सहायक कोच टेरी जेंनर का जो की ऑस्ट्रेलिया से आते हैं और इश्वर कृपा से उनकी धरती पर ऐसे आतंकवादी हमले नही हुए हैं । श्री जेनर ने अपने बयां में कहाँ हैं की मेरे परिवार वाले इस बात से खुश नही हैं की मैं दुनिया के एक असुरक्षित कोने में हूँ । श्रीमान जेनर से एक सवाल यह पूछने की अवास्यकता हैं की भारत देश में आतंकवादी हमले होते है ये बात तो उनको उस वक्त भी पता होगी ही जब उन्हें ये ऑफर मिला होगा किंतु शायद उस वक्त उस पर भरी गई रकम देखकर उनका मन इन बातो को सोचने की दूरदर्शिता खो बैठा होगा । यहाँ पर मैं उल्लेख करना चाहता हूँ सुनील गावस्कर के शब्दों का जो उन्होंने मिड डे अख़बार के अपने कालम में लिखा हैं की भारतीय क्रिकेट इस समय सोने की बहती नदी के समान हैं और इसमे पूरे विश्व के खिलाड़ी हाथ और सहायक कर्मचारी जैसे कोच फिजियो इत्यादी अपना हाथ धो कर धन बटोर रहे हैं फिर भी इनके मन में उस देश के प्रति तनिक भी सम्मान नही हैं जिसने शायद इन जैसे लोगो के बिल्कुल ख़त्म हो चुके कॅरिअर को नई दिशा और चेतना दी हैं। हमारे देश में अतिथि देवो भवः की परम्परा रही हैं और इसका अनुभव ऑस्ट्त्रलियाई खिलाडियों ने बखूबी किया जब हाल की श्रंखला के बाद उनके खिलाडियों का हमने तहे दिल से स्वागत किया एवं उत्साह बढाया फिर भी श्री जेनर जी द्वारा दिए गए बयान आहात करते हैं और हमारे देश की ग़लत तस्वीर पेश करते हैं ।